इज़राइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर दुनिया के सामने ईरान को सबसे बड़े खतरे के रूप में पेश किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने एक नक्शे के जरिए समझाया कि कैसे ईरान ने मध्य पूर्व को अपने घेरे में ले रखा है। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर इज़राइल ने सही समय पर कार्रवाई नहीं की होती, तो ईरान आज एक परमाणु हथियार संपन्न देश बन चुका होता।
नक्शे में ‘लाल’ हुआ मध्य पूर्व
नेतन्याहू के इस वीडियो में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा उनके हाथ में मौजूद नक्शे ने। इस नक्शे में ईरान के साथ-साथ सीरिया, इराक और यमन को लाल रंग में दिखाया गया है। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि ये वो इलाके हैं जहाँ ईरान का सीधा प्रभाव है और जो इज़राइल की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।
‘प्रतिरोध की धुरी’ (Axis of Resistance) पर प्रहार
वीडियो में नेतन्याहू ने उन हथियारबंद गुटों का ज़िक्र किया जिन्हें ईरान का समर्थन हासिल है। इसमें ग़ज़ा का हमास, लेबनान का हिज़्बुल्लाह और यमन के हूती विद्रोही शामिल हैं। पश्चिमी देशों में इनमें से कई गुटों को ‘आतंकवादी समूह’ घोषित किया गया है। नेतन्याहू ने संदेश दिया कि इज़राइल अकेले इन सभी मोर्चों पर लड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय में इज़राइल के लगातार हमलों ने ईरान के इन सहयोगियों को काफी नुकसान पहुँचाया है। खासकर इज़राइली सैन्य कार्रवाई के बाद हमास की पकड़ कमज़ोर हुई है। इज़राइल के हालिया हमलों ने इस संगठन की ताकत और लीडरशिप पर गहरा असर डाला है।
ईरान की रणनीति और इज़राइल का जवाब
ईरान हमेशा से कहता रहा है कि वह इन गुटों का समर्थन ‘अमेरिकी और इज़राइली खतरों’ से निपटने के लिए करता है, जिसे वह ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (प्रतिरोध की धुरी) कहता है। लेकिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि इज़राइल ईरान की इस घेराबंदी को तोड़ने के लिए किसी भी हद तक जाएगा।