पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले 21 घंटों से चल रही दुनिया की सबसे चर्चित कूटनीतिक जंग फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है। वेंस ने ईरान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने अपना अंतिम और ‘बेस्ट ऑफर’ मेज पर रख दिया है, अब गेंद ईरान के पाले में है।
21 घंटे का मैराथन मंथन, पर समझौता नहीं
इस्लामाबाद के सेरेना होटल में शनिवार को शुरू हुई यह वार्ता रविवार तड़के 4:50 बजे तक चली। बीबीसी उर्दू के मुताबिक, बातचीत के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका के लिए रवाना हो चुके हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस ने कहा, “बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुँच सके। हमने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी थीं, लेकिन उन्होंने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया।”
ईरान का परमाणु कार्यक्रम और ट्रंप का ‘मुख्य लक्ष्य’
बातचीत की सबसे बड़ी बाधा ईरान का परमाणु कार्यक्रम बना हुआ है। जेडी वेंस ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। उन्होंने कहा, “ईरान का परमाणु कार्यक्रम भले ही तबाह हो गया है, लेकिन हमें भविष्य के लिए एक ठोस प्रतिबद्धता चाहिए कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। फिलहाल हमें ऐसी कोई इच्छाशक्ति दिखाई नहीं दी।”
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख: “मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता”
एक तरफ जहाँ इस्लामाबाद में कूटनीति की मेज पर पसीना बहाया जा रहा था, वहीं व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने अंदाज में दबाव बनाना जारी रखा। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “ईरान के साथ समझौता होता है या नहीं, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमने उनकी वायुसेना, नौसेना और नेतृत्व को पहले ही खत्म कर दिया है। चाहे जो हो, जीत हमारी ही होगी।”
होर्मुज़ स्ट्रेट: बारूदी सुरंगें हटाने पर रार
इधर अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू कर दिया है और दो गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर—यूएसएस फ्रैंक ई पीटर्सन और यूएसएस माइकल मर्फी—वहां से गुजर चुके हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सेना ने कहा कि किसी भी जहाज के गुजरने का फैसला पूरी तरह ईरान के हाथ में है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता: वेंस ने की शहबाज़ शरीफ़ और आसिम मुनीर की तारीफ
भले ही बातचीत बेनतीजा रही हो, लेकिन जेडी वेंस ने मेजबान पाकिस्तान की भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बातचीत को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में शानदार काम किया। वेंस ने विशेष रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का शुक्रिया अदा किया।
इज़राइल की प्रतिक्रिया: लेबनान शांति वार्ता को मंजूरी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इज़राइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ शांति वार्ता को मंजूरी दे दी है। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि ईरान की प्रमुख शर्तों में से एक लेबनान में युद्धविराम था। नेतन्याहू ने कहा कि हिज़्बुल्लाह को निःशस्त्र करना और एक स्थायी शांति समझौता उनकी प्राथमिकता है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
करीब 50 साल की दुश्मनी और दो युद्धों के बाद अमेरिका और ईरान का आमने-सामने बैठना एक बड़ी ऐतिहासिक घटना है। हालांकि 2015 के परमाणु समझौते में 18 महीने लगे थे, लेकिन ट्रंप प्रशासन जल्द नतीजों की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के वापस लौटने के बाद अब दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।