अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखते हुए एक बार फिर विनाशकारी हमले की चेतावनी दी है। सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित सालाना ‘ईस्टर एग रोल’ कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने आत्मसमर्पण (सरेंडर) नहीं किया, तो अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाना जारी रखेगा।
“उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा”
ईरान को सीधी धमकी देते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर वे समझौता नहीं करते हैं, तो उनके पास कोई पुल नहीं बचेगा, कोई पावर प्लांट नहीं होगा। उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह फिलहाल अपनी ओर से युद्ध को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन शांति तभी संभव है जब ईरान उनकी शर्तों को मान ले। ट्रंप ने मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ के रूप में मनाने की चेतावनी दी है, जिसका मतलब है कि अगर डेडलाइन खत्म होने तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे पर भारी बमबारी हो सकती है।
तेल पर ट्रंप की नजर
बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के तेल संसाधनों को लेकर भी अपनी मंशा साफ की। उन्होंने कहा, “अगर मेरे पास यह चुनने का विकल्प होता कि मुझे क्या करना है, तो मैं तेल ले लेता। क्योंकि वह लेने लायक है और वे (ईरानी) इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।” ट्रंप ने आगे कहा कि बदकिस्मती से अमेरिकी लोग जल्द घर लौटना चाहते हैं, लेकिन यदि उनके हाथ में होता तो वे तेल पर कब्जा कर लेते, जिससे काफी पैसा कमाया जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि वे इस पैसे से ईरान के लोगों का भी ख्याल रखते।
होरमुज़ जलडमरूमध्य पर तनाव
ट्रंप ने इससे पहले भी सोशल मीडिया के जरिए ईरान को चेतावनी दी थी कि वह 6 अप्रैल की समयसीमा तक ‘स्ट्रेट ऑफ होरमुज़’ (Hormuz Strait) को खोल दे, अन्यथा उसे “नर्क” जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को बंद किए जाने से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है। ट्रंप के ताजा बयानों से साफ है कि वे ईरान की आर्थिक और सैन्य कमर तोड़ने के लिए उसके ऊर्जा और औद्योगिक केंद्रों को पूरी तरह तबाह करने की योजना बना रहे हैं।