मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने सोमवार को पुष्टि की है कि इस्राएली हवाई हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख मजीद खादेमी मारे गए हैं। खादेमी उन 25 लोगों में शामिल थे, जो सोमवार को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों का शिकार हुए। इस्राएली रक्षा मंत्री इस्राएल कात्स ने इस हमले की पुष्टि करते हुए साफ किया कि वे “आतंकियों के नेताओं” को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं। कात्स ने चेतावनी दी कि यह सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की सैन्य कमान पूरी तरह से पस्त नहीं हो जाती।
युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने अपने कई शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को खो दिया है। इनमें सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और गार्ड्स के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर जैसे बड़े नाम शामिल हैं। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की विकेंद्रीकृत कमान संरचना के कारण वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बावजूद वह अपनी सैन्य कार्रवाइयों और हमलों का समन्वय जारी रखने में सक्षम है। यही मुख्य कारण है कि नेतृत्व को भारी नुकसान पहुँचने के बाद भी जमीनी स्तर पर ईरान की आक्रामकता में कोई कमी नहीं आई है।
इस हमले की जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी रविवार देर रात और सोमवार सुबह इस्राएल और खाड़ी देशों पर ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइलें दागीं। इस्राएल के हाइफा शहर में एक अपार्टमेंट पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में कम से कम दो लोगों की मौत होने की खबर है, जिससे क्षेत्र में युद्ध और भड़कने की आशंका बढ़ गई है।